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ग़रीब अमीर हो जाएँगे:-

  ग़रीब अमीर हो जाएँगे:-    हदीस :​​​​  हज़रत अबू हुरैरा​​ (र.आ)​​ नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​  के हवाले से हदीस बयान​​ फरमाते​​ है​​ के​​ “ क़यामत ​​ की निशानिओं में से​​ है​​ के छोटे और कमीने​​ घरों वाले सालेह लोगों पेर ग़ालिब आ जाएँगे।  मजमा अल ज़वैइद 327/7     हदीस :​​  अब्दुल्लाह बिन​​ अब्बास​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के​​  नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ​​ ने इरशाद फरमाया:​​ जब तुम देखो के लोंड़ी मलिक को जन्म दे रही है, चरवाहे फलक बोस इमारतें बनाने में एक दूसरे पर बाज़ी ले जा रहे​​ है​​ और नंगे, भूके और फ़क़ीर लोगों के​​ सरदार बन चुके​​ है​​ तो​​  क़यामत ​​ के​​ आसार ओ​​ निशानात हैं।  मसनद अहमद​​ 396/1       नोट :​​  ग़रीब, फ़क़ीर और उजाड़  किस्म के लोगों का मालदार और साहिब ए हसियत हो जाना  क़ुर्ब​​ क़यामत​​ की एक निशानी ​​ है.​​ किसी वक़्त में अरब का इलाक़ा सहराओं और रेगिस्तान पर मुश्तमिल था और यहाँ के अक्सर मकीनो का गुज़र बसर मुवाशी  पालने पर मुँहासीर  था। मगर जब से​​ ...

झूट​​ क़सरत से बोला जाएगा:-

  झूट​​ क़सरत से बोला जाएगा:-  हदीस :​​  हज़रत​​ अबू​​ हुरैरा​​ (र.आ)​​ से मरवी​​ है​​ के​​ अल्लाह​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​   ने इरशाद फरमाया:​​ क़यामत​​ क़याम होने से पहले​​ फितने​​ ज़ाहिर होंगे, झूठ बकसरत होगा, बाज़ार क़रीब हो जाएँगे।  साहीः बुखारी​​ किताब उल फितन​​ 7061     हदीस :​​  हज़रत अब्दुल्लाह​​ बिन​​ मसूद​​ (र.आ)​​ से मरवी​​ है​​   के:​​ शैतान इंसानी सूरत मे किसी​​ क़ौम के पास आ​​ कर​​ झूठी हदीस सुनाएगा और लोगों मे इंतशहार वक़ीया हो जाएगा, इन मे से एक​​ आदमी कहेगा के मैं ने एक शख्स से यह हदीस सुनी​​ है​​ जिस का चेहरा तो मैं पहचानता हूँ मगर इस का नाम नही​​ जनता।  साहीः मुस्लिम​​ मुक़दमा 17     हदीस :​​  हज़रत अब्दुल्लाह​​ बिन​​ उमरो​​ (र.आ)​​ फरमाते​​   है​​ के:​​ समंदर मे​​ शैतान​​ क़ैद​​ है​​ जिन को​​ सुलेमान​​ (आ.स)​​ ने​​ क़ैद किया था.​​ अंक़ारीब वो​​ निकलेंगे​​ और लोगों को​​ क़ुरान​​ सुनाएँगे​​ (यानी धोका देने के लिए झूठा​​ क़ुरान बना लाएँगे)  साहीः मुस्लिम​​ मुक़दमा 18   नोट :​​ झू...

झूठी गवाही दी जाएगी

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  झूठी गवाही दी जाएगी :-  हदीस :​​  हज़रत अब्दुल्लाह​​ बिन​​ मसूद​​ (र.आ) ​​ फरमाते​​ है​​ के​​ नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया:​​ क़यामत​​ से पहले झूठी गवाही दी जाएगी​​ और सच्ची गवाही चुपाई जाएगी।     नोट :​​ झूठी गवाही देना​​ क़यामत​​ की निशानी​​ है.​​ मौजूदा दौर मे यह निशानी बिल्कुल वाज़ेह​​ है.​​  नबी​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​  ने झूठी गवाही को कबीरा गुनहों में से क़रार दिया​​ है।   आज​​ हमारे अदालतों  का​​ अक्सर​​ निज़म झूठी गवाही पर मुँहासीर​​ है.​​ किराए के गवाह बकसरत और बा’आसानी मिल जाते​​ है ​​ जिन के ज़रिए हर तरह के नाजायज़ मुक़दमात के जायज़ फ़ैसले केरवा लिए जाते हैं।

मौसिक़ी – गाना बजाना​​ आम​​ हो​​ जाएगा:-

  मौसिक़ी – गाना बजाना​​ आम​​ हो​​ जाएगा:-  हदीस :​​  हज़रत​​ अबू​​ आमिर​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के​​  अल्लाह ​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया:​​ “मेरी उम्मत मे कुछ ऐसे बुरे लोग पैदा होंगे जो​​ ज़िनाकारी,​​ रेशमी लिबास,​​ शराब और​​ गाने बजाने को हलाल​​ कर​​ लेंगे और (इन मे से) कुछ​​ लोग​​ पहाड़​​ की छोटी पर (अपने बंगलों मे रिहायश के लिए) चले जाएँगे. इन के चरवाहे सुबह ओ शाम जानवर लाएगे और ले जाएँगे।   इन के पास कोई फ़क़ीर अपनी हाजत की ग़रज़ से आएगा तो वो टलने के लिए इसे कह देंगे के कल​​ आना लेकिन​​  अल्लाह ​​ ता’आला​​ रात ही​​ इन्हे (सरकाशी की वजा से) हलाक़​​ कर​​ देगा, इन पर पहाड़​​ गिरा देगा​​ और इन मे से बाकी बचने वालों को​​ क़यामत​​ तक के लिए बंदर और खनज़ीर की सूरतों मे मस्ख​​ कर​​ देगा।  साहीः बुखारी​​ किताब उल अशराबा 5590   हदीस :​​  हज़रत​​ सहाल बिन​​ साद​​ (र.आ.)​​  से मरवी​​ है​​ के रसूल​​ अल्लाह​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया:​​ मेरी उम्मत का एक गिरोह​​ शराब ओ​​ कबाब और लाहव ओ लाअब ( म्यूज़िकल शो...

नौकरानी अपने​​ मलिक को जन्म देगी:

  नौकरानी अपने​​ मलिक को जन्म देगी:- हदीस:​​ हज़रत अबू हुरैरा​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के​​  अल्लाह ​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ एक दिन लोगों के सामने तशरीफ़ फ़ार्मा थे के एक आदमी आया और अर्ज़ करने लगा:​​ या  रसूल​​ अल्लाह​​ सल्लाहु अलैहि वसल्लम !​​ क़यामत​​ कब​​ आएगी?​​ आप​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने फरमाया:​​ “जिस से सवाल किया गया​​ है​​ वो भी​​ सवाल करने वाले से​​ ज्यादा​​ नही​​ जनता अलबाता मैं तुम्हे उक़ू ए​​ क़यामत​​ की कुछ निशानियाँ बताता हूँ.​​ जब लोंड़ी अपनी मालिका​​ को जन्मेंगी। (तो​​ क़यामत​​ क़रीब होगे)  साहीः बुखारी​​ किताब उल ईमान 50       हदीस:​​   हज़रत अबू हुरैरा​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के  रसूल​​ अल्लाह​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​  ने फरमाया:​​ “जब लोंड़ी अपने मलिक को जन्म देगी​​ तो यह​​ क़यामत​​ की निशानिओं में से​​ है।  साहीः मुस्लिम​​ किताब उल ईमान 97     नोट :​​ लोंड़ी का अपने मलिक को जन्म देना​​ क़यामत​​ की एक निशानी​​ है.​​ बाज़ रिवायत में मलिक और बाज़ मे​​ मालिका को जन्म देने का ज़िकार​...

शराब हलाल​​ समझी जाएगी

  शराब हलाल​​ समझी जाएगी हदीस :​​  हज़रत​​ अबू मलिक अश्अरी​​ (र.आ) ​​ फरमाते​​ है​​ के  रसूल​​ अल्लाह​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ​​ ने इरशाद फरमाया: मेरी उम्मत मे कुछ ऐसे बुरे लोग पैदा​​ हो जाएँगे​​ जो​​ ज़िनाकारी,​​ रेशमी लिबास,​​ शराब और गाने बजाने को हलाल बना लेंगे। साहीः बुखारी​​ 5590     हदीस :​​​​  हज़रत​​ इबादा बिन​​ समत​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के रसूल​​ अल्लाह​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया:​​ मेरी उम्मत मे से कुछ लोग​​ शराब को हलाल बना लेंगे और इस का​​ नाम बदल लेंगे और जब तक यह अमलमत ज़ाहिर ना हो जाए​​ क़यामत​​ क़ायम नही​​ होगी।  इब्ने मजा 33

ज़िना आम हो​​ जाएगा

  ज़िना आम हो​​ जाएगा:- हदीस : हज़रत​​ अनास बिन मलिक​​ (र.आ)​​ फरमाते​​ है​​ के मैं तुम्हे ऐसी​​ हदीस ना सुनाऊ जो मैं ने​​ अल्लाह​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ से सुनी थी और मेरे इलावा कोई और वो हदीस तुम्हे नही​​ सुनाएगा.​​ मैने​​  हज़ूर​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ​​ का इरशाद ए गरमी सुना के​​ क़यामत​​ की​​ निशानिओं मे​​ से​​ है। ​​ के​​ इल्म​​ उठा लिया जाएगा, जहलत बढ़ जाएगी,​​ ज़िना आम होगा,​​ शराब बा​​ क़सरत पी जाएगी,​​ आदमी थोड़े और​​ औरतेँ ज्यादा हो जाएँगी।  साहीः बुखारी​​ किताब उल निकाह 5231       हदीस:​​ हज़रत​​ अबू​​ हुरैरा​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के​​ नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया: इस​​ ज़ात की​​ क़सम जिस के हाथ मे​​ मेरी जान​​ है​​ यह उम्मत इस वक़्त तक ख़तम ना होगी​​ जब तक के (यह हालत ना हो जाए के)​​ आदमी​​ औरत के साथ भरे​​ बाज़ार​​ ज़िना करेगी और इस वक़्त बेहतरीन​​ आदमी वो होगा जो यह बात कहेगा: काश तुम इसे दीवार के पीछे ले जाते।   हदीस:​​ हज़रत​​ अबू आमिर​​ (र.आ) ​​ से मरवी​​ है​​ के​​ अल्लाह​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अ...