ज़िना आम हो​​ जाएगा

 ज़िना आम हो​​ जाएगा:-

हदीस : हज़रत​​ अनास बिन मलिक​​ (र.आ)​​ फरमाते​​ है​​ के मैं तुम्हे ऐसी​​ हदीस ना सुनाऊ जो मैं ने​​ अल्लाह​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ से सुनी थी और मेरे इलावा कोई और वो हदीस तुम्हे नही​​ सुनाएगा.​​ मैने​​ हज़ूर​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ का इरशाद ए गरमी सुना के​​ क़यामत​​ की​​ निशानिओं मे​​ से​​ है। ​​ के​​ इल्म​​ उठा लिया जाएगा, जहलत बढ़ जाएगी,​​ ज़िना आम होगा,​​ शराब बा​​ क़सरत पी जाएगी,​​ आदमी थोड़े और​​ औरतेँ ज्यादा हो जाएँगी। साहीः बुखारी​​ किताब उल निकाह 5231

 

 

 

हदीस:​​ हज़रत​​ अबू​​ हुरैरा​​ (र.आ)​​ से मरवी​​ है​​ के​​ नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया: इस​​ ज़ात की​​ क़सम जिस के हाथ मे​​ मेरी जान​​ है​​ यह उम्मत इस वक़्त तक ख़तम ना होगी​​ जब तक के (यह हालत ना हो जाए के)​​ आदमी​​ औरत के साथ भरे​​ बाज़ार​​ ज़िना करेगी और इस वक़्त बेहतरीन​​ आदमी वो होगा जो यह बात कहेगा: काश तुम इसे दीवार के पीछे ले जाते।

 

हदीस:​​ हज़रत​​ अबू आमिर​​ (र.आ)​​ से मरवी​​ है​​ के​​ अल्लाह​​ के रसूल​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया: मेरी उम्मत मे कुछ ऐसे लोग पैदा होंगे जो ज़िनाकारी को हलाल कर लेंगे। साहीः बुखारी​​ 5590

 

 

नोट:​​ यानी​​ क़यामत​​ के करीब ज़िना इतना आम हो जाएगा के लोग खुलेआम करने लग जाएँगे. और उस दौर मे वो शख्स​​ अक्चा​​ माना जाएगा जो ऐसे ज़िना करनेवालो को ये नसीहत करेगा के काश तुम लोग खुलेआम करने के बजाए दीवार के पीछे जा कर करते।

 

 

नोट :​​ ज़िनाकारी का आम होना​​ क़यामत​​ की एक निशानी​​ है.​​ मौजूदा दौर मे यह ज़िनाकारी जंगल मे आग की तरह तमाम आल्म-ए-इस्लाम मे फैल​​ कर​​ मुसलमानो के ईमान को जला​​ कर​​ राख बना रही​​ है।

ज़िना एक कबीरा​​ गुनाह भी​​ है​​ जिस की​​ शरीयत मे हद बताई गयी​​ है​​ के अगर ज़िना​​ शादी​​शुदा ना हो तो ऐसे में 100 कोडे लगाए जाएँ और एक साल के लिए जिला वाटन​​ कर​​ दिया जाए और अगर ज़िना ​​ शादीशुदा हो तो इसे राजम कर दिया जाए।

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