झूठी गवाही दी जाएगी

 झूठी गवाही दी जाएगी


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हदीस:​​ हज़रत अब्दुल्लाह​​ बिन​​ मसूद​​ (र.आ)​​ फरमाते​​ है​​ के​​ नबी​​ करीम​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने इरशाद फरमाया:​​ क़यामत​​ से पहले झूठी गवाही दी जाएगी​​ और सच्ची गवाही चुपाई जाएगी।

 

 

नोट:​​ झूठी गवाही देना​​ क़यामत​​ की निशानी​​ है.​​ मौजूदा दौर मे यह निशानी बिल्कुल वाज़ेह​​ है.​​ नबी​​ (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)​​ ने झूठी गवाही को कबीरा गुनहों में से क़रार दिया​​ है।

 

आज​​ हमारे अदालतों का​​ अक्सर​​ निज़म झूठी गवाही पर मुँहासीर​​ है.​​ किराए के गवाह बकसरत और बा’आसानी मिल जाते​​ है​​ जिन के ज़रिए हर तरह के नाजायज़ मुक़दमात के जायज़ फ़ैसले केरवा लिए जाते हैं।

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