हर घर मे फितना दाखिल हो जाएगा:-
हदीस : हज़रत औफ़ बिन मलिक (र.आ) फरमाते है के मैं गाज़्वा ताबूक के मौक़े पर नबी करीम (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) की खिदमत में हाज़िर हुवा जब के आप (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) इस वक़्त चामरे के एक खेमे में तशरीफ़ फ़ार्मा थे. आप (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया: के क़ायम ए क़यामत की 6 निशानियाँ शुमार कर लो. फिर एक ऐसा आम और तबाहकुन फितना होगा के अरब का कोई घर भी इस की लपट में आने से मेहफ़ूज़ नहीं रह सकेगा। साहीः बुखारी 317
जिस्मानी फितने में क़ातल ओ घरात , लूट खूसूत, दंगा फ़साद, कसाद बाज़ारी, ज़िनकारी , फ़हशी ओ उर्यानी, सूद खोरी, हराम खोरी जैसे अनसीर शामिल है जो अरसा दराज़ से बतदरीज शुरू हो कर बिलाख़िर अरब के हर घर को अच्छी तरह अपनी लपट में ले चुके है हत्ता के हुदूद ए हराम और हराम ए मदीना भी इस लपट से मेहफ़ूज़ नही।
नोट: अरब मे फितना का फैल जाना क़यामत की एक निशानी है. फितना जिस्मानी या रूहानी हर तरह का हो सकता है। रूहानी फितने में बे दीनी, बदअमली, शरीयत से दूरी, जैसे अवमील शामिल हैं
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